देहरादून, मार्च 3 -- देवप्रयाग। वर्ष के पहले चंद्र ग्रहण पर सूतक काल शुरू होते ही सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। मंगलवार को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा पर सौ साल बाद चंद्र ग्रहण होने से इस बार होली पर्व 3 मार्च को नहीं मनाया गया। ज्योतिष विद्वानों ने होली पर्व पर होने वाले चंद्र ग्रहण को मोक्ष काल पर दिखाई देने पर इसको ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण कहा जो अंतिम चरण में बीस मिनट को दिखाई देगा। क्षेत्र स्थित सिद्धपीठ चंद्रवदनी सहित भगवान रघुनाथ मंदिर के कपाट चंद्र ग्रहण का सूतक प्रातः 6.20 शुरू होते ही बंद कर दिए गए। चंद्रबदनी मंदिर पुजारी पं चंडीप्रसाद भट्ट के अनुसार प्रातः स्नान, आरती के बाद यहां श्रद्धालुओं के लिए कपाट बंद किए गए। वहीं रघुनाथ मंदिर में पुजारी पं समीर पंचपुरी ने भगवान के स्नान, पूजन के बाद कपाट बंद किए। चंद्र ग्रहण का सूतक मंगलवार...