कटिहार, मई 17 -- फलका।एक संवाददाता फलका प्रखंड के पीरमोकाम पंचायत स्थित चंदवा गांव के सत्संग मंदिर के समीप आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हो गया। अंतिम दिन वृंदावन से पधारे कथाव्यास श्री शिव कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष और व्यास विदाई के प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया।कथाव्यास ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा जीवन जीने की कला सिखाती है। सुदामा और श्रीकृष्ण का प्रसंग सच्ची मित्रता और निस्वार्थ प्रेम का अनुपम उदाहरण है। भगवान कभी धन-दौलत के भूखे नहीं होते, वे केवल भक्त के सच्चे भाव और प्रेम के भूखे हैं।उन्होंने आगे कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए समाज सेवा की भावना रखना अनिवार्य है।धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति हमेशा चिंता और शंकाओं से मुक्त र...