बिहारशरीफ, दिसम्बर 30 -- हिन्दुस्तान खास : चंडी-मौ गांव में खेतों से निकलता है बेशकीमती मूंगा और नीलम, घरों में रखी हैं प्राचीन मूर्तियां भगवान बुद्ध ने पावापुरी जाते वक्त यहां किया था सात दिन विश्राम, प्राचीन आम्रवन के रूप में है पहचान जुताई के दौरान मिलती हैं 15वीं सदी की मूर्तियां, 50 हजार तक में बिकते हैं यहां मिले दुर्लभ पत्थर वर्ष 2000 में खुदाई के बाद मूर्तियां ले गया पुरातत्व विभाग, गांव में म्यूजियम बनाने का वादा आज तक अधूरा फोटो: चंडी प्रतिमा: सिलाव के चंडी-मौ गांव में उचित रखरखाव न होने से पेड़ के नीचे खुले में रखी गईं खुदाई से निकलीं प्राचीन प्रतिमाएं। बिहारशरीफ, हमारे संवाददाता (प्रशांत कुमार)। सिलाव प्रखंड से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित चंडी-मौ गांव अपने गर्भ में अनगिनत ऐतिहासिक रहस्य और बेशकीमती खजाने समेटे हुए है। 644 एकड़ म...
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