सीवान, जनवरी 22 -- रघुनाथपुर, एक संवाददाता। घोड़पड़ासों के आतंक से किसान इन दिनों काफी परेशान हैं। घोड़पड़ास दलहनी फसलों मटर व अरहर की फसल को तो चट ही कर रही हैं, गांव-टोला के अंदर घुसकर मक्का और सब्जी की फसलों को भी बर्बाद कर रही हैं।किसानों की लगातार मांग के बाद जिला प्रशासन ने घोड़पड़ास और जंगली सुअरों को मारने का निर्णय लिया है। लेकिन, इन्हें मारने का सरकारी फरमान कागजों पर ही सिमटकर रह गया है। किसानों के फसल को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाने वाली दोनों ही जानवरों से किसानों की फसलों के बचाव के लिए राज्य सरकार ने नियम तो बना दिया, लेकिन इनका अनुपालन नहीं हो पा रहा है। इन्हें मारने के लिए बनाए गए नियम व कानून बेअसर साबित होने से किसान चिंतित और काफी परेशान हैं। घोड़पड़ास का नाम सुनते ही किसानों के चेहरे उतर जा रहे हैं। उन्हें यदि अपने फसलों का सबसे ...