बागपत, जुलाई 12 -- बागपत। बड़ौत शहर की जामा मस्जिद में जमीअत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में निकाह पढ़ाने वाले इमामों को अनावश्यक कानूनी विवादों और उत्पीड़न से बचाने के उद्देश्य से एक अहम निर्णय लिया गया। सर्वसम्मति से तय किया गया कि अब मस्जिद के किसी भी इमाम द्वारा निकाह पढ़ाने से पहले वर-वधू पक्ष को अधिवक्ता द्वारा तैयार स्टाम्प पेपर पर विधिवत घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) प्रस्तुत करना होगा। खिदमत सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. इरफान मलिक ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य किसी पर अतिरिक्त औपचारिकता थोपना नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं और इमामों की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह भी पढ़ें- अब निकाह से पहले देना होगा घोषणा पत्र, बागपत के उलेमाओं का फैसला; जानें वजह उन्होंने कहा कि निकाह एक पवित्र धार्मिक अनुबंध ह...