लखनऊ, अप्रैल 26 -- केजीएमयू के ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने पार्शियल नी सर्जरी तकनकी से घुटना प्रत्यारोपण शुरू किया है। इस तकनीक से मरीजों को पूरा घुटना बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसमें मरीज जल्दी ठीक होकर सामान्य जीवन जी पा रहे हैं। ये जानकारी केजीएमयू आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. शैलेन्द्र यादव ने साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी डॉक्टरों को इस तकनीक के बारे में सिखाने के लिए रविवार को हजरतगंज के एक होटल में आयोजित आंशिक घुटना प्रत्यारोपण पर आधारित एक विशेष शैक्षणिक सम्मेलन आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों के घुटने का केवल एक हिस्सा खराब होता है। उनमें पूरी सर्जरी की बजाय आंशिक सर्जरी बेहतर विकल्प है। केजीएमयू में अब तक करीब 20 पार्शियल नी सर्जरी की जा चुकी हैं। सभी मरीजों में 100% सफलता मिली है। मऊ की 62 वर्षीय ...