गोरखपुर, मई 18 -- राजीव दत्त पाण्डेय गोरखपुर। भागती-दौड़ती जिंदगी, कंक्रीट के फैलते जंगल और सिकुड़ते प्राकृतिक परिवेश के बीच जहां वन्य जीवों पर संकट मंडरा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का एक छोटा-सा गांव पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन गया है। भौवापुर गांव राष्ट्रीय पक्षी का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। गांव के प्रदीप नाथ शुक्ला ने करीब छह साल पहले एक घायल मोर के प्रति संवेदना दिखाई और देखते ही देखते कुनबा बढ़ गया। आज यहां डेढ़ दर्जन मोर स्वच्छंद विचरण करते हैं। गांव के सभी लोग इनका खयाल रखते हैं और पीहू-पीहू की कर्णप्रिय आवाजों से यहां की सुबह होती है।

घायल मोर की देखभाल गोरखपुर जनपद के सदर तहसील के भौवापार गांव के रहने वाले किसान प्रदीप नाथ शुक्ल को वर्ष 2018 में एक घायल नर मोर दिखाई दिया। उसके पंख जख्मी थे और वह उड़ने में असमर...