औरैया, अगस्त 20 -- शहर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में दोषियों को सजा तक पहुंचाने में घायल प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही अहम कड़ी बनी। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि घटना के समय दो प्रत्यक्षदर्शी मौके पर मौजूद थे और उन्हें चोटें भी आई थीं। ऐसे घायल गवाहों की घटनास्थल पर मौजूदगी पर सामान्य परिस्थितियों में संदेह नहीं किया जा सकता। डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि अदालत के समक्ष आए साक्ष्यों में बताया गया कि फायरिंग में मंजुल चौबे और सुधा चौबे की मौत हुई, जबकि संजय चौबे के पैर में गोली लगी। वादी आशीष कुमार को भी चोटें आई थीं। न्यायालय ने साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए पाया कि घटना, समय और स्थान के संबंध में अभियोजन के प्रत्यक्षदर्शी, घायल गवाह और चिकित्सकीय गवाहों ने आरोपों का समर्थन किया। यह भी पढ़ें- औरैया में भाई-बहन के हत्यारों को ...