नई दिल्ली, मार्च 10 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी अदालत ने आठ साल पुराने सड़क हादसे मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि सड़क दुर्घटना में गलती किसी की भी हो, लेकिन घायल को तड़पता छोड़कर मौके से भागना गंभीर अपराध है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निशांत बांगड़ की अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी चालक पप्पू को लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही से मौत के आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन घायल को मदद न देकर मौके से भागने के मामले में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134 सह-पठित 187 के तहत दोषी ठहराया। मामला 30 अप्रैल 2018 की रात का है। करोल बाग के अब्दुल अजीज रोड पर एक टेंपो ने स्कूटर सवार हरीश खुराना को टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटर टेंपो के नीचे फंस गया और हरीश गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार हादसे के बाद ...