समस्तीपुर, अप्रैल 9 -- डॉ. मनोज गुप्ता शाहपुर पटोरी। दो दिवसीय मल्टीडिसिप्लनरी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन फॉर विकसित भारत 2047 में नेपाल और भारत के लगभग 400 शोधार्थी, प्राध्यापक व छात्रों ने हिस्सा लिया। गुरुवार को आयोजित प्रथम ऑफलाइन सेमिनार में एआई के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ताओं में प्रो. आर.एन.त्रिपाठी, डॉ. प्रतिभा सिंह, डॉ आनंद शंकर चौबे ने सेमिनार में अपना व्याख्यान दिया। एचएम इंतखाब आलम के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हम जिस मशीनी युग में जी रहे हैं, उसमें एआई जैसे ख़तरनाक हथियार हमारे आसपास की दुनिया को इस कदर प्रभावित कर रहे हैं कि उससे होने वाले नुकसान की कल्पना मात्र से ही हमारी रूह कांप जाती है। मगर इसी एआई का समुचित इस्तेमाल हमें बहुत आगे की दुनिया में भी प्रवेश कराती है...