नई दिल्ली, मई 25 -- सनातन धर्म में गंगा नदी को मां का स्वरूप माना जाता है। गंगाजल को अत्यंत पवित्र और पाप नाशक माना जाता है। कलयुग में भी गंगाजल को विशेष महत्व दिया जाता है। अधिकतर घरों में शुद्धता और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए गंगाजल रखा जाता है। लेकिन कई लोग अनजाने में इसे गलत जगह पर रख देते हैं, जिससे वास्तु दोष हो सकता है और गंगाजल का पवित्र प्रभाव कम हो जाता है।गंगाजल का धार्मिक महत्व गंगाजल ना सिर्फ पवित्र है, बल्कि यह शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और घर की शुद्धि के लिए आवश्यक माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि गंगाजल छिड़कने मात्र से वातावरण शुद्ध हो जाता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। लेकिन इस पवित्र जल को सही जगह और सही तरीके से रखना बहुत जरूरी है, अन्यथा उल्टा प्रभाव पड़ सकता है।बेडरूम में गंगाजल रखना वर्जित सोने का कमरा आ...