नई दिल्ली, अगस्त 7 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। ग्रामीण सहकारी बैंक घर की मरम्मत, विस्तार और अन्य तरह के बदलाव कार्य के लिए ग्राहकों को जरूरत के हिसाब से कर्ज दे सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ग्रामीण सहकारी बैंकों से जुड़े कर्जों के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, आरबीआई ने हर ग्रामीण सहकारी बैंक को अपने बोर्ड से मंजूर जोखिम प्रबंधन नीति बनाने का भी प्रस्ताव दिया है। आरबीआई ने कंसंट्रेशन जोखिम प्रबंधन निर्देश 2026 और ऋण सुविधाएं संशोधन निर्देश- 2026 का मसौदा जारी किया है। केंद्रीय बैंक ने नए नियमों को एक अप्रैल 2027 से लागू करना का प्रस्ताव किया है। ऋण सुविधाएं संशोधन में प्रस्ताव रखा गया है कि एक हजार करोड़ रुपये तक जमा वाले ग्रामीण सहकारी बैंक अधिकतम 20 साल की अवधि तक आवास ऋण दे सकेंगे। इसमें मोरेटोरियम (जिसमें ई...