ललितपुर, जुलाई 31 -- ललितपुर। जच्चे और बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए भले ही जननी सुरक्षा योजना संचालित हो लेकिन जनपद में अभी भी घरों के भीतर प्रसव कराए जा रहे हैं। अप्रैल से जून माह के बीच खतरनाक स्थितियों के बीच 44 शिसुओं ने जन्म लिया। अब इन बच्चों को टीकाकरण से जोड़ा जा रहा है। संसाधनों की कमी के चलते पहले गर्भवती महिलाओं का प्रसव घर के भीतर कराया जाता था। इस दौरान बच्चों और प्रसूताओं की मौत के मामले अक्सर प्रकाश में आया करते थे। इन स्थितियों से निपटने के लिए शासन ने जनपदस्तर पर महिला चिकित्सालय, ब्लाकस्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित कर रखे हैं। यह भी पढ़ें- रखें अपने नवजात का ध्यान, पहले घंटे में स्तनपान अमृत के समान जहां गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखरेख के साथ उनका सुरक्षित प्रसव भी...