बांदा, मई 12 -- बांदा। देश में जिस तरह से विदेशी मुद्रा संकट और आर्थिक दबाव का दौर आ गया है, ठीक उसी तरह छह दशक पहले भी ऐसी ही स्थित आई थी। कांग्रेस की सरकार में सोने को लेकर कड़े नियंत्रण लगाए गए थे। उस दौर में लोगों के घरों में खरा व शुद्ध सोने की काफी उपलब्धता रहती थी। अतर्रा के सराफा कारोबारी जयनारायन सराफ कहते हैं कि 1968 के दौर में सरकार के प्रतिबंधों व फैसलों का बड़ा असर ज्वेलरी कारोबार, सुनारों और आम लोगों पर पड़ा था। अब तो बाजार में तैयार आभूषण हैं। सोने की कीमतों में तेज उछाल आ रहा है। कानूनी सप्लाईघट गई है। बाजार में नकली व तस्करी वाला सोना बढ़ रहा है। यह भी पढ़ें- गोल्ड कंट्रोल एक्ट के तहत लगी थी बंदिशेंगोल्ड कंट्रोल एक्ट वहीं खप्टिहाकलां के बुजुर्ग सराफा कारोबारी वीर बहादुर सोनी कहते हैं कि 1968 में गोल्ड कंट्रोल एक्ट लाया गय...