घरों की असुरक्षित डिलीवरी छोड़ अब अस्पतालों का रुख कर रही हैं महिलाएं
किशनगंज, मई 20 -- किशनगंज। वरीय संवाददाता मातृत्व केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता की भी सबसे बड़ी कसौटी माना जाता है। कभी गर्भावस्था और प्रसव के दौरान समय पर उपचार, उचित जांच और अस्पताल तक पहुंच के अभाव में अनेक महिलाओं की जान जोखिम में पड़ जाती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में घरों पर असुरक्षित प्रसव की परंपरा भी मातृ मृत्यु के बड़े कारणों में शामिल रही है। लेकिन अब किशनगंज जिले में यह स्थिति तेजी से बदल रही है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाओं, स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण अधिकाधिक महिलाएं सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पतालों का चयन कर रही हैं। परिणामस्वरूप संस्थागत प्रसव, प्रसव पूर्व जांच तथा मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार दर्ज कि...
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