गौरीगंज, मई 11 -- अमेठी। देश में लगातार बढ़ती घरेलू गैस की कीमतों और ऊर्जा संकट के बीच अमेठी से एक ऐसी तकनीक सामने आई है, जो भविष्य में बड़ी राहत साबित हो सकती है। अब तक लोगों के लिए परेशानी बना कचरा आने वाले समय में घरों की रसोई जलाने का माध्यम बनेगा। राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान ने ऐसी आधुनिक तकनीक विकसित की है, जिसके जरिए घरेलू और जैविक कचरे से बायोगैस तैयार की जा रही है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह तकनीक न केवल गैस संकट को कम करेगी बल्कि शहरों और गांवों में बढ़ती कचरा समस्या का भी प्रभावी समाधान बनेगी। संस्थान में विकसित इस विशेष प्लांट में पत्तियां, सड़ा-गला भोजन, प्लास्टिक और अन्य घरेलू कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाता है। इसके लिए विशेष मशीनें तैयार की गई हैं। पहले चरण में कचरे का पृथक्करण किया जाता है, ...