नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- केरल की 36 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल जीएस शरण्या के साहस की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है। 2 अप्रैल को कर्नाटक के कोडागु जिले के ताड़ियंडमोल पहाड़ियों के घने जंगलों में ट्रेकिंग के दौरान वह अपने ग्रुप से अलग हो गईं। वह अकेले काक्काब्बे गांव के होमस्टे में रुकी थीं, जो नेपोकलु से करीब 10 किलोमीटर दूर है। ट्रेकिंग के दौरान रास्ता भटक जाने के बाद उनके पास सिर्फ 500 मिलीलीटर पानी की बोतल और मोबाइल फोन बचा था। मोबाइल नेटवर्क न होने और बैटरी खत्म होने के कारण वे किसी से संपर्क नहीं कर पाईं। जंगल में हाथियों के होने की आशंका और बीच-बीच में हो रही भारी बारिश के बावजूद शरण्या ने हिम्मत नहीं हारी। यह भी पढ़ें- दो पासपोर्ट पर क्या है नियम, जिस पर विवादों में घिरी हैं हिमंत की पत्नी रिंकी शरण्या ने बताया कि उन्हें डर नहीं लगा,...