नई दिल्ली, अगस्त 8 -- सुप्रीम कोर्ट की जज बी.वी. नागरत्ना ने घटना के तुरंत बाद महिलाओं को कानूनी मदद देने की वकालत की। साथ ही, उन्होंने कर्नाटक में हाल ही में हुए उन बदलावों पर भी चिंता जताई, जिनसे नियमित पहली अपील पर हाईकोर्ट का अधिकार क्षेत्र कम हो गया है। जस्टिस नागरत्ना शनिवार को नेशनल कमीशन फॉर विमेन (एनसीडब्ल्यू) द्वारा कर्नाटक हाईकोर्ट और कर्नाटक न्यायिक अकादमी के सहयोग से आयोजित 'महिलाओं के लिए न्याय' विषय पर दो दिवसीय दक्षिण क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रही थीं। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि घटना के तुरंत बाद, चाहे पुलिस स्टेशन में हो या अस्पताल में, कानूनी मदद दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर ढांचा बनाया जाना चाहिए ताकि राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों (तालुका स्तर तक) और प्राथमिक स्वास्थ्य क...