चंदौली, जून 22 -- शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के तमाम दावों के बावजूद शहाबगंज बाजार आज भी सामुदायिक शौचालय जैसी आवश्यक सुविधा के लिए तरस रहा है। करीब नौ हजार की आबादी वाले इस प्रमुख बाजार में प्रतिदिन काफी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। लेकिन सार्वजनिक उपयोग के लिए एक भी समुचित सामुदायिक शौचालय उपलब्ध नहीं है। इसका सबसे अधिक खामियाजा महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहाबगंज बाजार विकास खंड की सबसे बड़ी आबादी वाला ग्राम पंचायत क्षेत्र है। शहाबगंज बाजार विकास खंड कार्यालय से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद इतनी महत्वपूर्ण सुविधा का अभाव प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। यहां कपड़ा, किराना, दवा, कृषि उपकरण, हार्डवेय...