नई दिल्ली, फरवरी 2 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा स्थित दो रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू करने का निर्णय बरकरार रखा। इस आदेश के बाद भसीन इन्फोटेक एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और ग्रैंड वेनेजिया कमर्शियल टॉवर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कर्ज समाधान प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने दोनों कंपनियों के पूर्व निदेशकों की ओर से दायर अपील खारिज कर दी। पीठ ने कहा कि डेवलपर खरीदारों को तैयार इकाई मुहैया कराने में नाकाम रहे और इस वाणिज्यिक परियोजना का काम पूरा होने के संबंध में भी अदालत को गुमराह किया। जस्टिस कुमार ने कहा कि न तो परियोजना का निर्माण पूरा हुआ और न ही इकाइयों का कब्जा आवंटियों को दिया गया है...