नई दिल्ली, अक्टूबर 5 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें ग्रेट निकोबार द्वीप मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए सहमति लेने में वन अधिकार अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाने वाली जनहित की स्वीकार्यता को सही ठहराया गया था। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह मामला पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित है और इसकी सुनवाई 25 और 26 नवंबर को होनी है। पीठ ने हाईकोर्ट से कहा कि वह तय तारीख पर सभी लंबित याचिकाओं सहित इस मामले की सुनवाई करे। यह भी पढ़ें- सचिवालय भवन बनाने के प्रस्ताव के खिलाफ याचिका खारिज शुरुआत में, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा...