देहरादून, अप्रैल 17 -- विकासनगर। राजकीय शिक्षक संघ के संविधान में हुए संसोधन के कुछ बिंदुओं को लेकर शिक्षकों ने विरोध के स्वर मुखर कर दिए हैं। शिक्षकों का आरोप है कि सरकार और शासन साजिश के तहत उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजकीय शिक्षक संघ के कालसी ब्लॉक अध्यक्ष अनिल राणा ने शुक्रवार शाम को मीडिया से बात करते हुए संघ के संविधान संसोधन को शिक्षकों के साथ खुला भेदभाव करार दिया। उन्होंने कहा कि जब उत्तराखंड के अन्य कर्मचारी संगठनों को अधिवेशन के लिए यात्रा अवकाश समेत विशेष अवकाश दिया जाता है, तो प्रदेश के सबसे बड़े संगठन राजकीय शिक्षक संघ को इससे वंचित रखना सरकार की पक्षपातपूर्ण नीति को दर्शाता है। यह भी पढ़ें- पौड़ी में छुट्टियों में चुनाव कराएं जाने पर राजकीय शिक्षक संघ ने जताया एतराज कहा कि सरकार सौते...
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