एटा, मई 27 -- पिछले कई दिनों से ग्राम प्रधानों के बीच इस बात को लेकर असमंजस और आशंका की स्थिति बनी हुई थी कि कार्यकाल खत्म होने के बाद गांव की कमान किसी सरकारी कर्मचारी या एडीओ (पंचायत) को प्रशासक के रूप में सौंप दी जाएगी। इसके बाद प्रधानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्राम प्रधान बिल्सड़ पछायां चंद्र शेखर पाण्डेय ने कहा कि सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं। हमें डर था कि प्रशासक के रूप में किसी सरकारी कर्मचारी के आने से विकास कार्य फाइलों में दब जाएंगे और ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए ब्लॉक के चक्कर काटने पड़ेंगे। यह भी पढ़ें- प्रशासक बने ग्राम प्रधानों ने योगी सरकार को कहा थैंक यू, कहा-देंगे रिटर्न गिफ्ट; नई मांग भी रखी सरकार ने प्रधानों पर भरोसा जताकर ऐतिहासिक काम किया है। अब गांव में विकास की गति और तेज होगी। रामपुर देहात प्र...