बाराबंकी, मार्च 9 -- सूरतगंज (बाराबंकी)। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और गांवों से घर-घर कूड़ा एकत्र कर उसे कूड़ा घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए ई-रिक्शा आज खुद ही कबाड़ हो चुके हैं। करीब दो वर्ष पूर्व पहले खरीदे गए ये वाहन अधिकांश गांवों में प्रधानों के दरवाजों या सड़कों के किनारे खड़े-खड़े जंग खा रहे हैं। न तो इनका संचालन शुरू हो पाया और न ही कूड़ा उठाने की व्यवस्था लागू हो सकी। ऐसे में करीब 85 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। विकास खंड सूरतगंज में कुल 103 ग्राम पंचायतें आती हैं। इनमें से लगभग 50 ग्राम पंचायतों में ग्राम निधि मद से कूड़ा उठाने के लिए ई-रिक्शा खरीदे गए थे। प्रत्येक ई-रिक्शा की कीमत करीब एक लाख 70 हजार रुपये बताई जा रही है। इस हिसाब से ...
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