प्रयागराज, अप्रैल 10 -- Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि ग्राम न्यायालय को भी फैमिली कोर्ट की तरह पत्नी, बच्चों व अभिभावकों को गुजारा भत्ता दिलाने के मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार है। दोनों में से किसी अदालत के समक्ष अर्जी दाखिल की जा सकती है। इसी के साथ कोर्ट ने मेरठ में ग्राम न्यायालय करहल के न्यायाधिकारी को याची की आदेश निष्पादन अर्जी यथाशीघ्र छह महीने में निस्तारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद ने दामिनी की ओर से उसके अधिवक्ता संजय कुमार यादव को सुनकर याचिका निस्तारित करते हुए दिया है। एडवोकेट संजय यादव का कहना था कि याची की सीआरपीसी की धारा 125 की अर्जी को न्यायाधिकारी ने 30 नवंबर 2024 को निस्तारित किया लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया तो याची ने बीएनएसएस की ...
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