मधुबनी, दिसम्बर 1 -- झंझारपुर,निज प्रतिनिधि। झंझारपुर शहर के प्रसिद्ध रक्त माला मैया स्थान के वार्षिक पूजन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सोमवार को उमड़ पड़ी। रविवार से ही यहां दूर दराज के भक्तजन आने लगे थे और रक्तमाला स्थान के अगल-बगल रुके थे। सोमवार की सुबह होते ही श्रद्धालु गण मिट्टी के प्रतीक घोड़े चढ़ाकर पूजा अर्चना शुरू की। यहां बलि प्रदान की भी परंपरा है। झंझारपुर की ग्राम देवी के रूप में प्रचलित रक्तमाला मैया की पूजा सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता का मिसाल है। जहां सभी धर्म और संप्रदाय एवं जाति के लोग एक साथ रक्तमाला की जयकारा लगाते हैं। यहां जानवरों की बलि दी जाती है। जिसमें छागड़, बकरी,पाठी भेड़, मुर्गी, सूअर कबूतर आदि एक साथ दिया जाता है। परंपरा के अनुसार छागड़ की बाल राजपूत परिवार में, बकरी की बाल भंडारी परिवार में,भेड़ की बाल च...