चतरा, अप्रैल 10 -- चतरा, प्रतिनिधि। जिले के शहरी क्षेत्रों में जहां बिजली व्यवस्था, पोल और तार अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली पोल और तारों की खराब स्थिति लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह बिजली के पोल झुके हुए हैं; कहीं तार जमीन से कुछ ही ऊंचाई पर हैं। इससे हमेशा खतरा बना रहता है और ग्रामीण क्षेत्रों में पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति के कारण हमेशा भय का माहौल बना रहता है। जानकारी के अनुसार, विभागीय नियमों के तहत एक पोल से दूसरे पोल की दूरी 30 से 40 मीटर निर्धारित है। साथ ही पोल गाड़ने की गहराई भी तय मानकों के अनुसार होती है, इसमें पोल की लंबाई का लगभग एक-छठा हिस्सा जमीन के अंदर रखा जाता है। शहरी क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार लोहे...