बांका, मार्च 9 -- बांका, निज प्रतिनिधि। जिले में तीन साल बाद भी एक भी पैक्सों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र नहीं खोले जा सके हैं। जिले में 189 पैक्स संचालित हैं। जहां जन औषधि केंद्र खोले जाने हैं। इसके लिए यहां पैक्सों को फार्मासिस्ट और ड्रग लाइसेंस मिलने का इंतजार है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में सस्ती दवाई देने की योजना परवान नहीं चढ सकी और फ्लॉप हो गई है। जनऔषधी केंद्र में 2125 तरह की सस्ती जेनरिक दवाएं और 314 तरह के उपकरण उपलब्ध हैं। जो कम कीमतों पर बिकते हैं। यही कारण है कि गांव के लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सभी पैक्सों में जनऔषधी केन्द्र खोला जाना है। वर्ष 2023 में इस योजना की शुरूआत की गई थी। पहले चरण में 190 पैक्सों के लिए योजनाा बनी थी। जिसके बाद सभी पैक्सों को इसके लिए आवेदन करने को कहा गया। बावजू...
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