अररिया, मई 22 -- अररिया। निज संवाददाता झमटा-महिषाकोल पुल का पाया हंसने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीण उमर दाऊद ने कहा कि जो पिलर सबसे अधिक धंसा हुआ है, उसे निर्धारित 80 फीट की जगह मात्र 40 फीट ही गाड़ा गया था। खालिद मुन्ना ने कहा कि निर्माण कार्य में नदी से निकाले गए बालू का ही उपयोग किया गया,इससे पुल की गुणवत्ता प्रभावित हुई।मो विक्की ने कहा कि ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार सवाल उठाने के बावजूद निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं की गईं।खालिद हुसैन मुन्ना ने कहा कि यदि समय रहते पुल की जांच एवं मरम्मत नहीं हुई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।गुलफाम यह भी पढ़ें- जिले में करोड़ों की लागत से बना एक और पुल का पाया धंसा आलम ने कहा कि पुल की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है,इससे आम लोगों में भय का ...