टिहरी, दिसम्बर 9 -- गोवा नाइट क्लब त्रासदी के शिकार संकुल्ड गांव के युवा जितेंद्र सिंह रावत को क्षेत्र वासियों ने नम आंखों से अलकनंदा तट पर अंतिम विदाई दी। सोमवार तड़के युवा जितेंद्र का पार्थिव शरीर जब उनके गांव संकुल्ड पहुंचा तो गांववासियों की आंखे भर आई। मां रामप्यारी का सब्र टूट गया व वह रो रोकर बेटे जितेंद्र का नाम पुकारती रही। रामप्यारी ने पति संता सिंह के कोरोना काल में लापता होने के बाद बेटों को काफी कष्ट से पाला था। गांव से जितेंद्र की अंतिम यात्रा शुरू होने पर क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी ने भी पार्थिव शरीर को कंधा दिया। उन्होंने घटना को अत्यंत दुखद बताते कहा कि, जितेंद्र के परिजनों की सरकार हर संभव मदद करेगी। विदेश में काम कर रहे जितेंद्र के बड़े भाई आशीष को छुट्टी नहीं मिल पाने से वह छोटे भाई को अंतिम विदाई देने नहीं पहुंच पाय...
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