रांची, फरवरी 25 -- रांची, संवाददाता। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) संजीव कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में वन संपदा को जन-आजीविका से जोड़ने और ग्रामीण सशक्तीकरण पर जोर दिया गया। पीसीसीएफ संजीव कुमार ने निर्देश दिया कि महुआ, शहद, तेंदूपत्ता और साल बीज जैसे लघु वनोपजों के प्रसंस्करण और विपणन को सुदृढ़ किया जाए, ताकि आदिवासी व स्थानीय समुदायों की आय में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही बांस आधारित उद्योग, मधुमक्खी पालन और नर्सरी प्रबंधन जैसे वन-आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। बैठक में वन्यजीव प्रबंधन और मानव-हाथी संघर्ष को रोकने पर गंभीर चर्चा हुई। पीसीसीएफ ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों के अनुरूप हाथियों के हमले में होने वाली मृत्यु पर मुआवजे का भुगतान हर हाल में 12 दिनों के भ...