हापुड़, मार्च 3 -- ग्रहण के प्रभाव को देखते हुए क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों के कपाट निर्धारित समय के लिए बंद रखे गए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में पूजा-अर्चना और दर्शन वर्जित माने जाते हैं, जिसके चलते श्रद्धालुओं ने भी मंदिरों में पहुंचकर पूजा नहीं की। प्रतिदिन मंदिरों में दर्शन करने आने वाले भक्तों ने ग्रहण समाप्त होने तक अपने घरों में ही जप और ध्यान किया। कई मंदिरों के पुजारियों ने बताया कि ग्रहण प्रारंभ होने से पहले ही विधि-विधान के साथ कपाट बंद कर दिए गए थे और ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण प्रक्रिया के उपरांत ही मंदिर दोबारा खोले जाएंगे। मंदिरों के बाहर सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे परंपराओं का पालन करते हुए ग्रहण काल में पूजा से विरत रहते हैं। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिरों में पु...