औरैया, जून 15 -- औरैया, संवाददाता। गौ माता भारतीय संस्कृति में केवल एक पशु नहीं, बल्कि वात्सल्य, समृद्धि और दिव्यता की प्रतीक हैं। गौ सेवा और पालन से आध्यात्मिक शांति, आरोग्य तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह विचार जै गौ माता ग्रामोद्योग सेवा समिति द्वारा आयोजित गौशाला प्रबंधकों एवं संचालन टोली की बैठक में सहक्षेत्र संयोजक गौ सेवा गतिविधि, लखनऊ केंद्र सर्वजीत ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गाय धर्म, अर्थ और विज्ञान का अद्भुत संगम है। सरकार का उद्देश्य केवल गौशालाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि उन्हें स्वावलंबी एवं रोजगार सृजन का केंद्र बनाना भी है। इसी उद्देश्य से स्वावलंबी सुरभि संकुल योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक गौशाला को एक गांव से जोड़ा जाएगा। गांवों में सात सदस्यीय ग्राम गौ सेवा समिति का गठन कर गौ संरक्षण एवं...