मुरादाबाद, मार्च 20 -- बहोरनपुर नरौली स्थित प्रेम शांति इंटर कॉलेज में शुक्रवार विश्व गौरैया दिवस पर प्रधानाचार्य विजय पाल सिंह राघव ने छात्र छात्राओं को बताया कि बहुत ही सुंदर छोटी सी हमारे आंगन में फुदकने वाली गौरैया पक्षियों का संरक्षण स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से ही संभव है। गौरैया पक्षी प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण चिड़िया मानी जाती है। हम सब के आंगन में चहचाहने वाली गौरैया वर्तमान में विलुप्त होने के कगार पर है। गौरैया चिड़िया विलुप्ति का मुख्य कारण अंधाधुंध पेड़ों का कटान तथा शहरीकरण है, इसे बचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण तथा वातावरण की स्वच्छता बहुत ही जरूरी है। कभी समय था कि जब हमारी आंख गौरैया के चहचाहने से ही खुला करती थी। विश्व गौरैया दिवस पर गौरैया चिड़िया को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करने क...