सिद्धार्थ, मार्च 20 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। बर्डपुर क्षेत्र के सूर्यकुड़िया गांव निवासी कंचन वर्मा और उनका परिवार गौरैया संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरणादायक मिसाल बन गया है। आधुनिक जीवनशैली, शहरीकरण और पेड़ों की कमी के चलते जहां गौरैया की संख्या लगातार घटती जा रही है, वहीं कंचन का परिवार पिछले 20 वर्षों से इस नन्हीं चिड़िया को बचाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। कंचन वर्मा ने वर्षों पहले अपने घर में गौरैया के लिए छोटे-छोटे कृत्रिम घोंसले लगाने की शुरुआत की थी। शुरुआत में कुछ ही घोंसले लगाए गए, लेकिन धीरे-धीरे यह प्रयास एक बड़े अभियान में बदल गया। आज उनके घर, आंगन, छत और आसपास के पेड़ों पर हजारों की संख्या में घोंसले लगे हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में गौरैया निवास करती हैं। सुबह और शाम के समय पूरे घर में गौरैया की चहचहाहट ...