चित्रकूट, दिसम्बर 31 -- चित्रकूट। संवाददाता धर्मनगरी चित्रकूट स्थित प्राचीन गौरिहार मंदिर को बचाने के लिए साधू-संतों ने लामबंदी दिखाते हुए आंदोलन की शुरुआत कर दी है। संतों ने एमपी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गौरिहार मंदिर के गेट पर सांकेतिक धरना दिया। आरोप लगाया कि एमपी प्रशासन धर्मनगरी चित्रकूट के मठ-मंदिरों को विकास के नाम पर गिरवाने का प्रयास कर रहा है। मठ-मंदिरों के गिराने के बाद चित्रकूट में कुछ बचने वाला नहीं है। एमपी प्रशासन चित्रकूट में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ ही पर्यटन विकास का काम कर रहा है। इसके तहत मोहकमगढ़ तिराहे से पीलीकोठी से सड़क का चौड़ीकरण व नाली बनाई जा रही है। चिन्हांकन के साथ ही निर्माण के दायरे में आने वाले भवनों और मठ-मंदिरों को एमपी प्रशासन गिरवा रहा है। प्राचीन गौरिहार मंदिर को भी एमपी के सतना प्रशासन ने...