चतरा, मार्च 7 -- मयूरहंड प्रतिनिधि आज के दौर में जहां लोग नौकरी के पीछे भाग रहे हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्र की महिलायें अपनी मेहनत और लगन से स्वरोजगार की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है। इसका जीवंत उदाहरण बेलखोरी गांव के सूर्यभान कुशवाहा कीे पत्नी बिना देवी ने पेश किया है। बिना की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। परिवार चलाना मुश्किल हो रहा था। उसने एक गाय अपने मामा के घर से लाकर गाय पालन शुरू की। इसके बाद उसी कमाई से एक गाय 18 हजार में खरीदकर लाई। आज के समय में बिना के पास पांच दुधारू गायें हैं। जिससे करीब 40 हजार रुपए प्रतिमाह की आमदनी कर रही है। इससे उसकी आर्थिक तंगी अब दूर हो गयी है। बिना का पति पेंटिंग का काम दूसरे शहर में रहकर करते है। इस काम को महिला स्वयं संभालती है। बिना ने बताया कि बैठकर समय गंवाने से अच्छा है कि अपने आप को व्यस्त रखना। ए...
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