हरदोई, मई 24 -- हरदोई, संवाददाता । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की लगातार की जा रही अपील अब जनपद में जमीनी नवाचार का रूप लेती दिखाई दे रही है। जिलाधिकारी अनुनय झा की पहल पर जनपद के गो आश्रय स्थलों को अब केवल पशु संरक्षण केंद्र नहीं, बल्कि "हरित धन" उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। नई योजना के तहत गो आश्रय स्थलों में गोबर से कम्पोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने की कवायद शुरू की जा चुकी है, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि इस पूरे अभियान की कमान महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी जा रही है। समूह पशु आश्रय स्थलों में खाद तैयार करने से लेकर उसकी पैकेजिंग और बिक्री तक की जिम्मेदारी निभाएंगे। तैयार खाद को पैक्स और सहकारी समितियों के माध्यम से ...