औरंगाबाद, अप्रैल 29 -- भीषण गर्मी के कारण क्षेत्र में भूजल स्तर तेजी से गिरने लगा है, जिससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पारंपरिक पेयजल स्रोत कुआं अब नाम मात्र का रह गया है, जबकि चापाकल भी धीरे-धीरे पानी देना बंद कर रहे हैं। गैर नहरी इलाकों में स्थिति और गंभीर होती जा रही है। बक्सर, मलहद, झिकटिया, भुरकुंडा, मीरपुर, तेयाप, हथियारा, बेरका सहित अन्य पंचायतों के सरकारी और निजी चापाकल कम पानी दे रहे हैं, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर नल-जल योजना भी प्रभावी नहीं रहने से पेयजल की समस्या बढ़ गई है। इसको लेकर बृजमोहन वर्मा, विन्देश्वरी शर्मा, कामदेव चंद्रवंशी, अनिल शर्मा, रामनिवास दुबे, मनोज कुमार, अजय कुमार सिंह, मुकेश कुमार, चुन्नू सिंह, कुंजन सिंह और गणेश पासवान ने समुचित पेयजल व्यवस्था कराने की मांग की है। यह भी पढ़...