औरैया, जून 17 -- अजीतमल, संवाददाता। बाबरपुर कस्बा स्थित महंत जी की धर्मशाला के पास चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास आचार्य रजनीश जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को समाप्त करने और ब्रजवासियों की रक्षा के लिए अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण किया था। कथा के दौरान अघासुर और बकासुर वध प्रसंग का भी वर्णन किया गया। आचार्य ने कहा कि भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और मनुष्य को अहंकार का त्याग कर ईश्वर पर विश्वास रखना चाहिए। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी तथा छप्पन भोग का प्रसाद अर्पित कर वितरण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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