मथुरा, जुलाई 26 -- क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बंसीवट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास आदित्य नारायण दास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के प्रसंग का मनमोहक वर्णन किया। इस दौरान कथा पंडाल श्रीकृष्ण के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। बंसीवट के महंत जयराम दास महाराज के सानिध्य में चल रही इस कथा में व्यासपीठ से आदित्य नारायण दास जी ने बताया कि भगवान कृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए अपनी कनिष्ठ उंगली पर विशाल गोवर्धन पर्वत को उठा लिया था। उन्होंने कहा कि गोवर्धन लीला हमें अहंकार को त्याग कर प्रकृति और गौ माता की सेवा करने का संदेश देती है। जब व्यक्ति ईश्वर की शरण में जाता है, तो भगवान स्वयं उसकी रक्षा के लिए तत्पर हो जाते हैं। कथा के अंत में महंत जयराम दास महाराज ने कहा कि बंस...