एटा, दिसम्बर 21 -- शासनादेश के अनुसार अब ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त अनुदान का एक बड़ा हिस्सा अनिवार्य रूप से निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और रखरखाव पर खर्च करना होगा। डीपीआरओ ने जिले के सभी ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को आदेश जारी किए हैं कि राज्य वित्त अनुदान का अधिकतम आठ फीसदी हिस्सा गोशालाओं की व्यवस्था सुधारने में व्यय करें। शनिवार को डीपीआरओ मोहम्मद राशिद ने बताश कि शीतलहर को देखते हुए गोशालाओं में गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य वित्त अनुदान का उपयोग गोशालाओं में ठंड रोकने के लिए मोटे तिरपाल के पर्दे लगाना और रात के समय पशुओं के लिए अलाव एवं सुरक्षित हीटर की व्यवस्था करना। गोवंशों के लिए हरा चारा और रातव (पशु आहार) की उपलब्धता समेत गोशालाओं में गोबर का उठान और जलभराव आदि सभी प्रक...