मोतिहारी, जनवरी 25 -- अरेराज, निसं। गंडक तटवर्ती अंग्रेजों के जमाने का सिरनी कोठी स्थित गांधी पिलर आज भी किसानों के ऊपर निलहों के अत्याचार व क्रूरतम घटनाओं की याद दिला रहा है। पंडित राजकुमार शुक्ल के अथक प्रयास से वर्ष 1917 में जब महात्मा गांधी चंपारण आए तो सिरनी व तेजपुरवा क्षेत्र के किसानों ने गांधी जी से मिलकर निलहों के अत्याचार के क्रूर पीड़ा की आपबीती सुनाई थी। महात्मा गांधी के प्रयास से अंग्रेजों से लोहा लेने में पहली जीत भी गोविंदगंज के किसानों को मिली थी। स्थानीय क्षेत्र विकास के अंतर्गत सिरनी कोठी के शेष दोनों जर्जर पिलर का जीर्णोद्धार एवं टाइल्स युक्त चबूतरा का निर्माण कराया गया है। इसका उद्घाटन क्षेत्रीय सांसद व तत्कालीन केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्री भारत सरकार राधामोहन सिंह ने किया था। उद्घाटन के कई वर्ष बीत जाने के बाद , आज देख...
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