सहारनपुर, जून 21 -- हिंदुस्तान टीम, सहारनपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रदेश में गोमाता को पु्ण सरंक्षण और संवर्धन मिलेगा, मगर गो आश्रय स्थलों में गोवंश भूखा मरने को मजबूर है। पहली रोटी खाने वाली गाय कूड़ा करकट खाने को मजबूर है। शंकराचार्य के सड़कों पर उतरने से मर्यादा घटने की बात करने वालों को लताड़ते हुए कहा कि उनका कार्य धर्म की रक्षा करना है और आज हिंदू भटक रहा है। उनके मार्ग दर्शन व सही दिशा दिखाने को उन्हें गांव गांव जाने में गुरेज नहीं है। शनिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज गौरक्षार्थ हेतु अपनी गविष्ठी यात्रा को लेकर सहारनपुर पहुंचें । इस अवसर पर उनके स्वागत हेतु एक विशेष कार्यक्रम कांग्रेस जिलाध्यक्ष सिंह राणा ने जनता रोड पुंवारका स्थित शि...