गोबर आधारित तकनीक से प्राकृतिक खेती को मिलेगा बल
लखनऊ, मई 26 -- लखनऊ। गोसेवा आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक में गोबर धारित तकनीक से जैबिक खाद, बायो-पेस्टिसाइड तथा बायोगैस के जरिए कृषि, ऊर्जा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती, रोजगार सृजन पर चर्चा की गई। आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. सपना पोती ने बताया कि नए निवेशकों के लिए मंथन तथा ग्रामीण जरूरतों के लिए अमृत डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध है। जहां विभिन्न तकनीकों एवं नवाचारों को साझाकर व्यापक स्तर पर समाधान किया जाता है। उन्होंने बताया कि रूरल स्मार्ट व्लेज सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। इसका मकसद गांवों को स्मार्ट एवं आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में विकसित करना है। इसकी शुरुआत आंध्र प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक में की जा चुकी है। इस दौरान आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर, रमाकांत उपाध्याय, प्र...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.