भभुआ, जून 29 -- ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गोबरछ के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सलाना पूजा-अर्चना गांव के ग्रामीण धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक मानते हैं (पेज चार) भगवानपुर, एक संवाददाता। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर मां काली को प्रसन्न करने के लिए सोमवार को गोबरछ गांव में रक्तविहीन भेड़ की बलि दी गई। पूजा के दौरान खून बहाने की बजाय प्रतीकात्मक अनुष्ठान किए गए। यह परंपरा प्राचीन है। यह भी पढ़ें- गोबरछ में मां काली को रक्तविहीन दी गई भेड़ की बलिपूजा की तैयारी ग्रामीण इसे अनूठी परंपरा को धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक मानते हैं। काली मां समिति के संयोजक रामकुमार यादव ने बताया कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में भेड़ा की बलि दी जाती है, लेकिन इसमें रक्त नहीं बहाया जाता। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के नैतिक और आर्थिक सहयोग से हर वर्ष पूज...