मथुरा, फरवरी 28 -- श्रौतमुनि निवास में आयोजित 86 वें होली महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन श्रद्धा और आस्था के साथ किया जा रहा है। व्यासपीठ से भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि ब्रह्म के निकट जाने से संसार के रंग फीके लगने लगते है और भगवत भक्ति का प्रेममयी रंग हम पर चढ़ने लगता है। सांसारिक विषयों से विरक्त होना ही भगवत कृपा की सुखानुभूति है। गोपी उद्धव संवाद की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि अहो गोपियों तुम कृतकृत्य हो। तुम्हारा जीवन सफल है। तुम सारे संसार के लिये पूजनीय हो, क्योंकि तुम लोगों ने इस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण को अपना हृदय, अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया है। दान, व्रत, तप, होम, जप, वेदाध्ययन, ध्यान, धारणा, समाधि और कल्याण के अन्य विविध साधनों के द्वारा भगवान की भक्ति प्राप्त हो, यही प्...