वाराणसी, जुलाई 4 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग ने हाल ही में संरक्षण के लिए 40 ऐतिहासिक धरोहरों की पहचान की है। चयनित धरोहरों में अर्दली बाजार स्थित युगपुरुष स्वामी विवेकानंद के अंतिम प्रवास से जुड़ा गोपाल लाल विला राज्य संरक्षित स्मारक बनेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है और पहली अधिसूचना जारी कर दी गई है। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार काशी प्रवास के दौरान स्वामी विवेकानंद को अपने जीवन के अंतिम समय का आभास हो गया था। वर्ष 1902 में उन्होंने एल.टी. कॉलेज परिसर स्थित गोपाल लाल विला में कुछ समय बिताया था। उनकी पुण्यतिथि (चार जुलाई) के अवसर पर योगी सरकार इस धरोहर को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है。 यह भी पढ़ें- स्वामी विवेकानंद को याद कर 125 दिव्यांगों का किया सम्मानस्मारक संरक्षण प्रक्रिया...