गोंडा, फरवरी 19 -- गोण्डा, संवाददाता। जिले की 219 ग्राम पंचायतें विकास पर खर्च की गई धनराशि का पांच साल बाद भी ब्योरा नहीं दे पाई है। ऑडिट टीम ने वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2022-23 तक खर्च की गई धनराशि का लेखा-जोखा पेश न करने पर आपत्ति लगाई थी। जांच में करीब 15 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता की बात प्रकाश में आई है। डीएम प्रियंका निरंजन के कड़े रुख के बाद संबंधित प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया गया है। तय समय में खर्च का ब्योरा नहीं देने पर जिम्मेदारों से वसूली की कार्यवाही शुरू होगी। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले की 219 ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों पर विभिन्न मदों में खर्च कर रखा है। नियमों के मुताबिक खर्च संबंधी विवरण दाखिल करना अनिवार्य है। लेकिन सालों बाद भी सैकड़ों प्रधान व सचिव यह ब्योरा पंचायतीराज विभाग को उप...