गोड्डा, जनवरी 2 -- गोड्डा। गोड्डा शहरी क्षेत्र में स्थित दर्जनभर तालाब और पोखर आज अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। कुछ गिने चुने तालाबों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश या तो पूरी तरह सूख चुके हैं, या फिर शहर के गंदे नालों के पानी का स्थायी ठिकाना बन गए हैं। देखरेख और संरक्षण के अभाव में यह जलस्रोत धीरे धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहे हैं। शहर के कई इलाकों में तालाबों का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। जो तालाब बचे हैं उनका पानी उपयोग लायक नहीं रह गया है। स्थानीय निवासी 60 वर्षीय पूरण साह बताते हैं कि कभी इन्हीं तालाबों का पानी पीने और घरेलू उपयोग में लाया जाता था। लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि इनसे सड़ांध की बदबू आती है। किसी कार्य में तालाबों का पानी उपयोग में नहीं लिया जा सकता है, पटवन के लिए भी अब इनका इस्तेमाल नहीं होता है। विशेषज्ञों के अनुसार...